डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की मार्ग पर चलने की शपथ

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की मार्ग पर चलने की शपथ

 

गणेश झा

पाकुड़: डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन प्रख्यात शिक्षाविद और महान् दार्शनिक डॉ राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु में हुआ था ‌। उन्होंने यह दर्शनशास्त्र से एम,ए किया और वर्ष 1916 में मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में सहायक अध्यापक बने। उनके जन्मदिवस को भारत में` शिक्षक दिवस` के रूप में मनाया जाता है। वे आंध्र विश्वविद्यालय के कुलपति, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रधानाध्यापक, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति रहे । वर्ष 1952 में वे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और वर्ष 1962 में भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने। वर्ष 1954 में उन्हें भारत रत्न दिया गया‌। ब्रिटिश शासनकाल में उन्हें ‘सर ‘ की उपाधि और 1961 में जर्मनी द्वारा विश्व शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 17 अप्रैल 1975 को उनका निधन हो गया ।उनके जन्म दिवस के शुभ अवसर पर आज दिनांक 5 सितंबर 2022 को उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय रहमतपुर बागान में बड़ी धूमधाम से बच्चों के द्वारा डा सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया। तथा विद्यालय में सभी शिक्षक मौजूद थे।

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